संकल्प
सम्पूर्ण प्राणियों के कल्याण हेतु भारतवर्ष में 108 महायज्ञ। मार्च 2025 तक 24 राज्यों में 101 महायज्ञ सम्पन्न हो चुके थे; मई 2026 में 104वाँ महायज्ञ वेसु, सूरत में प्रज्वलित हुआ।
०१उपाधि
सनातन परम्परा में संत की उपाधि बताती है कि उनका जीवन क्या बन चुका है। इसे शब्द-दर-शब्द पढ़ें।
Chakravarti
जिनका चक्र सर्वत्र घूमे
शास्त्रों में वह सम्राट जिसका धर्मचक्र हर दिशा में निर्बाध चलता है। यहाँ यह उस यज्ञ-ज्योति का नाम है जो भारत के कोने-कोने तक पहुँची है।
Yagya Samrat
यज्ञ के सम्राट
अग्नि में अर्जित उपाधि — सौ से अधिक महायज्ञ, जिनमें से कुछ में एक साथ 1008 कुण्ड प्रज्वलित हुए।
Dharma Pracharak
सनातन धर्म के प्रचारक
सनातन ज्ञान को मंदिर से निकालकर हर घर के आँगन तक ले जाने वाले — सरल वाणी में, और स्वयं यज्ञ के माध्यम से।
Tripura Peeth Peethadhishwar
त्रिपुरा पीठ के अधिष्ठाता
त्रिपुरा पीठ के पीठाधीश्वर — ऋषिकेश के समीप राजाजी के वनों में मणिकूट धाम, जहाँ माँ राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी विराजमान हैं।
Shri Shri 1008
सर्वोच्च सम्मान
परम पूज्य संतों के लिए प्रयुक्त सर्वोच्च संबोधन। 1008 पूर्णता की संख्या है — भगवान के पावन नामों की गणना।
Hari Om Ji Maharaj
उनका नाम
“हरि” — जो दुःख हर लें, और “ॐ” — सृष्टि का प्रथम नाद; दोनों का संगम।
Yagya Putra
यज्ञ के पुत्र
भक्तों द्वारा दिया गया नाम — क्योंकि उनका सम्पूर्ण जीवन पावन अग्नि में अर्पित एक अनवरत आहुति है।
०२साधना
सम्पूर्ण प्राणियों के कल्याण हेतु भारतवर्ष में 108 महायज्ञ। मार्च 2025 तक 24 राज्यों में 101 महायज्ञ सम्पन्न हो चुके थे; मई 2026 में 104वाँ महायज्ञ वेसु, सूरत में प्रज्वलित हुआ।
माँ त्रिपुर सुंदरी धाम ऋषिकेश के निकट राजाजी के वनों में मणिकूट पर्वत पर स्थित है — वही पहाड़ियाँ जिनकी गोद में नीलकंठ महादेव विराजते हैं। यहाँ गुरुदेव राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी की उपासना करते हैं, और उनकी शिक्षा है कि यहाँ त्रयोदश ज्योतिर्लिंग के दर्शन बारहों ज्योतिर्लिंगों का पुण्य देते हैं।
घर घर यज्ञ, हर घर यज्ञ। गुरुदेव हर परिवार से सप्ताह या पंद्रह दिन में एक बार हवन करने का आह्वान करते हैं। उनकी शिक्षा है कि यज्ञ मन को शांति देता है, तनाव घटाता है और उस वायु को शुद्ध करता है जिसे हमने स्वयं प्रदूषित किया है।
उनकी प्रेरणा से यज्ञ पुत्र सेना महायज्ञों, गौशाला यज्ञों और वार्षिक यज्ञ दिवस का आयोजन करती है — जींद गौशाला के 51 कुण्डीय यज्ञ से लेकर 2026 के 1008 कुण्डीय महायज्ञ तक।
०३यात्रायज्ञ यात्रा
तिथियाँ और स्थान उनके आधिकारिक चैनल तथा समाचार-पत्रों से लिए गए हैं।
०४वचन
“हर घर यज्ञ होना आवश्यक है।”“यज्ञ करने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है।”“भारत के वातावरण को सांस लेने लायक बनाने के लिए यज्ञ सबसे कारगर उपाय है।”“होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से, जल्दी प्रसन्न होते हैं भगवान यज्ञ से।”०५दर्शन
2घं. 48मिनट
22 मिनट
4 मिनट
23 मिनट
4 मिनट
10 मिनट०६समाचार
उनके महायज्ञों और सन्देश का समाचार कवरेज।